हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे...

मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे...

तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किसके मैं द्वारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे...

महन्दींपुर वाले हो मेरे नैंन के तारे,सालासर वाले हो मेरे नैंन के तारे

राम जी के काज सारे तुमनें संवारे,धसका के एक बस तुम हो सहारे

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे,तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

हनुमान अजंनी सुत राम दुलारे...

श्री हनुमान जी के पावन 12 नाम

1.हनुमान

2.अजंनी सुत

3.वायु पुत्र

4.महाबल

5.रामेष्ट

6.फाल्गुन सखा

7.पिंगाक्ष

8.अमित विक्रम

9.उदाध्दिक्रमण

10.सीता शोक विनाशक

11.लक्ष्मण प्राण दाता

12.दशग्रीव दर्पहा

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।