आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

डूब रही है नैया मेरी 2 पार लगा दे

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

( साँवरे आ भी जा साँवरे आ भी जा )

थाम लिया जो दामन बाबा तूने मेरा

जीवन की इस शाम का पल में होगा सवेरा 2

रैन अँधेरी आकर बाबा 2

राह दिखा दे

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

साथ मेरे रहते हो तुम विश्वास दिला दो

कृपा कर दो ऐसी हर संताप मिटा दो 2

घबराता क्यूँ दिल ये मेरा 2

धीर बंधा दे

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

आस का बंधन जग से मैंने तोड़ लिया है

दुनिया का हर रिश्ता तुमसे जोड़ लिया है 2

आकर अब तो अनुज का बाबा 2

साथ निभा दे

आजा आकर साँवरे पतवार चला दे

स्वर रजनी दीदी राजस्थान

लिरिक्स अनुज जैन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।