सुमिरन राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(तू सुमिरन कर राधे-राधे

तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे)2

(राधा के पीछे कृष्ण स्वयं

तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥)2

राधा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥(2)

श्यामा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥(2)

(राधा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥

श्यामा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥)

राधा लक्ष्मी, राधा काली, राधा बरसाने वाली(2)

सुमिरन करलो जित भाव में, वैसा ही दर्शन पायेंगे ॥

वैसा ही दर्शन पायेंगे ॥(2)

तू सुमिरन कर राधे-राधे

तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे

तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे(2)

राधा के पीछे कृष्ण स्वयं

तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥

राधा बिन सूना साँवरिया, राधा बिन फीकी बाँसुरिया

कितना ही कृष्ण का ध्यान धरो बिन, राधा याद न आयेंगे ।

बिन, राधा याद न आयेंगे (2)

तू सुमिरन कर राधे-राधे

तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे

राधा के पीछे कृष्ण स्वयं

तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥

(राधा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥

श्यामा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥

ब्रज मंडल की गरिमा राधा, राधा बिन प्रेम शब्द है आधा

राधा है तो भक्ति-रस है,।

हम राधा गुण गायेंगे ॥

हम राधा गुण गायेंगे ॥

(तू सुमिरन कर राधे-राधे

तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे)

(राधा के पीछे कृष्ण स्वयं

तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥)

|

(राधा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥

श्यामा, करो मेरी दूर भव बाधा ॥)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।