संसार के लोगो से

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,

जब कोई ना हो अपना, सियाराम जपा करना।

जीवन के समुन्दर में, तूफ़ान भी आतें हैं,

जो हरि को भजतें हैं, हरि आप बचाते हैं।

वो आप ही आएंगे, बस याद किया करना,

जब कोई न हो अपना, सिया राम जपा करना॥

यह सोच अरे बन्दे, प्रभु तुझ से दूर नहीं,

जब कष्ट हो भगतों को, प्रभु को मंजूर नहीं।

भगवान को आता है, भगतों पे दया करना,

जब कोई ना हो अपना, सिया राम जपा करना॥

मत भूल अरे बंदे, यह देस बेगाना है,

दुनिया में आ कर के, वापस तुझे जाना है।

माया के बंधन से दिन रात बचा करना,

जब कोई ना हो अपना, सिया राम जपा करना॥

द्रोपदी ने पुकारा था, प्रभु भी बेचैन हुए,

वो चीर बढ़ाने को खुद चीर में प्रगट हुए।

वोही लाज बचाएंगे, बस ध्यान किया करना,

जब कोई ना हो अपना, सिया राम जपा करना॥

Hemkant jha pyasa

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।