बुला के हमको बांके बिहारी छुप गए क्यों मुरारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बुला के हमको बांके बिहारी छुप गए क्यों मुरारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

दिखा दो हमको सूरत प्यारी आये शरण तुम्हारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है,

ओ रे संवरिया मेरे मैं तो रंगा हूँ तेरे रंग में ,

मुझसे मिला के नज़रे चल दो बिहारी मेरे संग में,

सेवा करूँगा मैं भी तुम्हारी बन के तेरा पुजारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

बुला के हमको बांके बिहारी छुप गए क्यों मुरारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

ओ रे संवरिया मेरे दिल में छुपे हैं कई राज रे,

कैसे बताऊ तुमको दिल की मुरारी सब बात रे ,

दिल में मेरे तुम रहते हो ओढ़ के कामल कारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

बुला के हमको बांके बिहारी छुप गए क्यों मुरारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

हँसने लगे हैं मुझपे दुनिया के सारे लोग रे,

कैसा लगाया तुमने मुझको मुरारी ये रोग रे ,

रोग ये दिल का तुमने लगाया सुना के बंशी प्यारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

बुला के हमको बांके बिहारी छुप गए क्यों मुरारी ,

ये पर्दा क्यों किया है , ये पर्दा क्यों किया है ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।