ये घोडे वाले बाबा का दरबार है

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ये घोड़े वाले बाबा का दरबार है,

लो मांग लो जिसको दरकार है,

चाहे ले लो हीरे मोती चाहे चांदी सोना,

भर देंगे वह धन से तेरे घर का कोना कोना,

सबसे बड़ा इनका भंगार है,

ये घोड़े वाले बाबा का दरबार है,

इसे दानी दाता है मेरे रामरुन्सिचे वाले,

कभी किसी को दवार से खाली हाथ नही वो ताले,

भगताें से इनको बड़ा प्यार है क्योंकि,

ये घोड़े वाले बाबा का दरबार है,

अरज अमर अविनाशी बाबा भगतो के रखवाले,

अरे बाँट के अमृत सारे जग को आप ज़हर पी डाले,

जपता जिनको ये सारा संसार

ये रामरूहिने का दरबार है....

अरे भीड़ लगी रहती है शर्मा बाबा के आंगन में,

अरे लाखो पीपल चढ़ ते है हर रोज उन्हें भागो में,

अरे करते शर्मा जिनी जेकर है,

ये घोड़े वाले बाबा का दरबार है.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।