आज किसने किया श्रृंगार भोले जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज किसने किया श्रृंगार भोले जी

आज, किसने, किया, श्रृंगार, भोले जी ॥

उन, हाथों पे, जाऊँ, बलिहार भोले जी ॥

भक्तों, ने किया, श्रृंगार, गौरा जी ।

मैं तो, कर ही ना पाया, इनकार गौरां जी ।

आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

चमक, रहा, स्वामी, मुख मंडल ।

न, त्रिशूल है, न ही, कमण्डल ॥

ना है, डमरू, तुम्हारे, हाथ भोले जी ।

आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

लगा, दिया है, मस्तक पे, चंदन ।

चमक, रहे हैं, कुण्डल भी, चमयम ॥

किसने, पहनाया, फ़ूलों, का हार भोले जी ।

आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

ना ही, लगी, अंगों में, भभूति ।

ना, बाघंबर ना, पहनी है, धोती ॥

घुँघरू, की सुनी ना, झणकार भोले जी ।

आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

भक्त, आए थे, मेरे द्वारे ।

आभूषण, लाए थे, प्यारे प्यारे ॥

मुझसे, विनती करी, बार, बार गौरां जी ।

आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।