भोले के दरबार से हमें प्यार हो रहा मैं बैठकर बाबा के ख्यालों में खो रहा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज – जी कर रहा है आप के )

भोले के दरबार से हमें प्यार हो रहा

मैं बैठकर बाबा के ख्यालों में खो रहा

मन में तू बस गया है अब कोई ना ये बसें

थामा है तू ने हाथ को बाबा ये कसके

तेरी बदौलत का एहसान हो रहा

भोले के दरबार से हमें प्यार हो रहा ...

कितना किया है तूने कोई भी ना करें

चौखट पे आके तेरी झोली सब भरे

कृपा से तेरी बाबा जी आराम हो रहा

भोले के दरबार से हमें प्यार हो रहा ...

लकी को नसीब से ज्यादा ही दे दिया

कहते हैं हम लोगों से भोले ने सब किया

गोदी में तेरे सीर के बाबा मैं सो रहा

भोले के दरबार से हमें प्यार हो रहा ...

Lyrics – Lucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।