जेकरा तु देख ल एक नजरिया हो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जेकरा तु देख ल एक नजरिया हो

जिनगी अजोर हो गईल.

दुनिया मे जोड़ा नईखे कौनो हो

किरपा बेजोड़ हो गईल...

भषम लगाई रौवा डमरू बजाई ले

दुष्टन के मारे खातिर तिरशुल् उठाई ले

नगवा तोहार सिर मौर हो.2

सगरो ई शोर हो गईल

जेकरा तु देख ल एक नजरिया बाबा...

नंदिया तोहार बाबा अजबे खिलाडी

दुष्टन के देखी नाही हटेला पिछाडि

गूंजे जैकारा चारो ओरिया हो.2

बोल बम के होड़ होगईल.

जेकरा तु देख ल एक नजरिया हो...

बेल पत्र खा के बाबा जिनगी बिताई ले

भगतन के खातिर बाबा देर ना लगाई ले

प्यासा गावे तोहरे दुअरिया हो.2

मन वाँ बिभोर हो गईल...

जेकरा तु देख ल एक नजरिया हो

जिनगी अजोर होगईल...

Hemkant jha pyasa

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।