मेरी कालका माई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी कालका माई

हर, बिपदा में, सब की सहाई, मेरी कालका माई ॥

मेरी, कालका माई, मेरी, कालका माई ।

रण, चंडी बनके आई, मेरी कालका माई...

हर, बिपदा में, सब की सहाई, मेरी...

क्रोध में, काली, रक्त व्हाए,

दैत्य, कोई भी, बच ना पाए ।

काली, की जिहबा, बढ़ती जाए,

रक्त, बीज़ सब, उसमे समाए ॥

काली, कपालिनी... कालका ।

कांता, कामदा... कालका ।

हाहा, कार मचाई, मेरी कालका माई ।

मेरी, कालका माई, मेरी, कालका माई ।

हर, बिपदा में, सब की...

कालका, माँ तूँ, खप्पर धारी

महिषा,सुर को, मारने वाली ।

चण्ड, मुंड को, मारा तुमने,

चामुंडा, कहलाने वाली ॥

काम सुंदरी... कालका ।

काल रात्रि... कालका ।

चढ़ी, सिंह पे आई, मेरी कालका माई ।

मेरी, कालका माई, मेरी, कालका माई ।

हर, बिपदा में, सब की सहाई, मेरी...

टूट, पड़ी माँ, दानव दल पे,

दैत्यों को, चुन, चुन के मारा ।

क्रोध, की ज्वाला, बढ़ती जाए,

नर, मुंडों की, धारे माला ॥

काम्य काली... कालका ।

कामधेनु काली... कालका ।

नैनों से, अग्न बरसाई, मेरी कालका माई ।

मेरी, कालका माई, मेरी, कालका माई ।

हर, बिपदा में, सब की सहाई, मेरी...

कालका, माँ के, दर जो आए,

दाती, से सब, कुछ वो पाए ।

भक्तों, की बिगड़ी, संवारने वाली,

यश, माँ तेरा, ही गुण गए ॥

कामाख्या काली... कालका ।

कौमारी रानी... कालका ।

चंचल की माँ कहलाई, मेरी कालका माई ।

मेरी, कालका माई, मेरी, कालका माई ।

हर, बिपदा में, सब की सहाई, मेरी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।