मेरे दिल के जुड़ गए तार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दिल के जुड़ गए तार

ओ मेरे दिल के, जुड़ गए तार, तेरे बरसाने में ॥

तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥

नित, बरसे ॥अमृत धार, तेरे बरसाने में ।

मेरे दिल के, जुड़ गए तार...

राधा, नाम की, धूम मची है ॥

हर, दिल में, श्यामा जू बसी है ॥

राधा, नाम की, धूम मची है,

हर, दिल में, श्यामा जू बसी है ॥

हर, रसना पे ॥जय जय कार, तेरे बरसाने में ।

तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥

नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।

मेरे दिल के, जुड़ गए तार...

जब, से देखी है, ऊँची अटरिया ॥

टिकती, नहीं कहीं, मेरी नज़रिया ॥

जब से, देखी है, ऊँची अटरिया,

टिकती, नहीं कहीं, मेरी नज़रिया ॥

बस देखूं ॥मैं बारंबार, तेरे बरसाने में ।

तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥

नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।

मेरे दिल के, जुड़ गए तार...

लगता, नहीं मन, ओर कहीं पे ॥

मन, चाहे बस, जाऊँ यहीं पे ॥

लगता, नहीं मन, ओर कहीं पे,

मन चाहे, बस जाऊँ, यहीं पे ॥

मैं तो, छोड के ॥सब संसार, तेरे बरसाने में ।

तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥

नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।

मेरे दिल के, जुड़ गए तार...

गर, दुनिया में, फिर से जो आऊँ ॥

जन्म, जन्म तेरो, दास कहांऊँ ॥

गर दुनिया में, फिर से जो आऊँ,

जन्म, जन्म तेरो, दास कहांऊँ ॥

मुझे मिले ॥जन्म हर बार, तेरे बरसाने में ।

तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥

नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।

मेरे दिल के, जुड़ गए तार...

जय जय श्री राधे राधे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।