जयति जय गोविन्द माधव जय जय राधे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जयति जय गोविन्द माधव, जय जय राधे श्याम ।

पतितपावन मुक्तिकारक सांचा तेरो नाम ॥

जो मनुज आवे शरण, पावे अजर विश्राम ।

शुभ चरण की धुल से पूरण होवे काम ॥

जो भजन में ही रमे, मन को करे निष्काम ।

उसके जीवन में झरे आनंद आठों याम ॥

दीन बंधू हे दया माय, दीन को लो थाम ।

कृपा कर अपनाइए, दीजिये मंगल धाम ॥

राधा वल्लभ कृष्ण की शोभा है अभिराम ।

मोहिनी की इस छबि को कोटि कोटि प्रणाम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।