जाग मुसाफिर हुआ सवेरा, सीटी बजनेवाली है,

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जाग मुसाफिर हुआ सवेरा, सीटी बजनेवाली है,

राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है

माया नगरी छोड़ मुसाफिर, संग न कुछ भी जाना है-2

राम नाम की पूँजी लेकर, भवसागर तर जाना है-2

संतन का है ये मार्ग निराला - 2 मुक्ति जहाँ ठिकानी है।

राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

लोभ मोह के भारी थैले, साथ नहीं ले जाओगे-2

राम भजन की पोटली भर लो, पार तो ही लग पाओगे-2

माया का ये मोह जाल है-2 झूठी इसकी कहानी है।

राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

खाली हाथ ही आए जग में, खाली हाथ ही जाना है-2

नेकी की तुम राह पकड़ लो, फल मीठा ही पाना है-2

शुभ कर्मों का दीपक ले लो 2 भक्ति सच्ची निशानी है।

राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

निकल गया जो समय हाथ से, फिर न वापस आना है।

राम नाम के अमृत रस को, जी भर कर अब पाना है।

सदगुरु की तुम शरण में आओ-2 पावन उनकी बानी है।

राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

भजन रचयिता

आचार्य मनीष जी दुबे

बड़वाह ओंकारेश्वर

9893027311

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।