सुनां हैं तारे हैं तुम्हें लाख़ौं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाखों,हमें जो

तारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाख़ों,हमें भी

तारों तो हम भी जानें...

निशाचरों को संघहारा तुमनें,

उतारा पृथ्वी का भार तुमनें

हमारे सिर पर है पाप भारी,इन्हें

उतारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाखों,हमें जो

तारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाख़ों, हमें भी

तारों तो हम भी जानें...

हरा अहिल्या का श्राप तुमनें,

मिटाया शबरी का ताप तुमनें

हमारे भी पापों को दिंनबन्धुं,अगर

निवारो तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाखों,हमें जो

तारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाख़ों,हमें जो

तारों तो हम भी जानें...

फंसी भँवर में हमारी नईया,उतारों

सागर से है कन्हैंया

तेरा सहारा हैं एक भगवन,अगर

उबारो तो हम भी जानें

सुनां है तारें हैं तुमनें लाखों,हमें जो

तारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाख़ों,हमें भी

तारों तो हम भी जानें

सुनां हैं तारें हैं तुमनें लाख़ों,हमें भी

तारों तो हम भी जानें...

हे गोपाल राधा कृष्ण गोबिंन्द-

गोबिंन्द,

कृष्ण गोबिंन्द-गोबिंन्द कृष्ण

गोबिंन्द-गोबिंन्द

हे गोपाल राधा कृष्ण गोबिंन्द-

गोबिंन्द

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।