भोलेनाथ की नज़र जो पड़ जाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले, नाथ की, नज़र जो, पड़ जाए,

सूनी सी, मेरी दुनिया, फिर से सँवर, जाए ॥

तेरे दर, की धूलि, माथे लगाऊँ,

तेरा साया, ही मेरा, सारा सफ़र, बन जाए...

भोले, नाथ की, नज़र जो, पड़ जाए...

ाँसों में, तेरा ही, नाम रहे ।

दिल में बस, तेरा ही धाम, रहे ।

जब भी ये, नैया डोले, मेरी ।

हाथों में, तेरा ही, साथ रहे ।

तेरी, किरपा का, ऐसा असर हो,

हर मौसम, मधुबन, बन जाए...

Writer: Marudhun BhaktiSagar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।