घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे ..२

वो भोला चौटी ना बाँधे ,

वो तो जटान लपेटे आवेंगे ॥

जटान लपेटे आवेंगे ,

घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे ..२

वो फूलो की माला ना पहरे ,

वो तो नाग लपेटे आवेंगे ||

नाग लपेटे आवेंगे ,

घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे ..२

वो pepsi cola ना पीवे ,

वो तो भंग का घोटा लावेंगे ॥

भंग का घोटा लावेंगे ,

घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे ..२

वो मोटर गाड़ी ना लावे ,

वो तो नंदी पे चढ़ के आवेंगे ॥

नंदी पे चढ़ के आवेंगे,

घबरावे मत ना पार्वती तने भोला भियावन आवेंगे ..२

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।