मैया आ गये नवरात्रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया आ गये नवरात्रे तेरे भगता नु पा दो चिठिया,

पहली पहली चिठ्ठी माता पांडवा नु पा देयो,

जीने तेरा झवर धुलाना भगता नु पा दो चिठिया,

मैया आ गये......

धुजी धुजी चिठ्ठी राजा अकबर नु पा देयो,

जीने तेरा छतर चढ़ाना भगता नु पा दो चिठिया,

मैया आ गये......

तीजी तीजी चिठ्ठी तारा रानी नु पा देयो,

जीने तेरा भोग लगाना भगता नु पा दो चिठिया,

मैया आ गये......

चौथी चौथी चिठ्ठी भगत धयानु नु पा देयो,

जीने दर उत्ते शीश झुकाना भगता नु पा दो चिठिया,

मैया आ गये.....

पंचवी पंचवी चिठ्ठी सारे भगता नु पा दो,

जीने रल मिल भेंटा गाना भगता नु पा दो चिठिया,

मैया आ गये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।