सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,

भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए।

भोले मेरे, भोले मेरे,

हर धड़कन तेरा नाम सुनाए॥

बेलपत्र की खुशबू महके,

मंदिर में दीपक धीरे जलते।

तेरी भक्ति में मन खो जाए,

आँखों से प्रेम के मोती छलके॥

सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,

भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए॥

गंगा जल की पावन धारा,

तेरा ही देती सहारा।

जो भी तेरे द्वार पे आए,

भर दे उसकी जीवन धारा॥

सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,

भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए॥

तेरी कृपा की छाँव रहे,

हर पल मेरा गाँव रहे।

भोले तेरे चरणों में ही,

जीवन मेरा सफल रहे॥

ललित गेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।