राधा राधा राधा राधा,राधा राधा राधा राधा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा राधा राधा राधा,राधा राधा

राधा राधा...

हम बल अभिमानी श्री जू के,हमें

क्या लेना है जमानें से

जब अपना ताल्लुक़ बना हुआ है,

इतने बड़े घरानें से

राधा राधा राधा राधा,राधा राधा

राधा राधा...

अरे ऐसे पावन चरण लली के,

जिन्हे ध्यावे श्याम जमानें से

आकर देखो तो सही,

करुणा रस कितना बरस रहा है

मेरी श्यामा के बरसाने से

राधा राधा राधा राधा, राधा राधा

राधा राधा...

वृषभांनु लली पर बलिहारी,

रीझे खुद श्याम रिझानें से

मन आनंदित हो जाता है,

तेरी जय जयकार बुलाने से

राधा राधा राधा राधा,राधा राधा

राधा राधा...

जहां शरद शेष को कौंन गिनें,

गुण गावत चारों वेद की वाणी

चन्द्रं वृषभांनु के द्वार पे चाकर,

द्वार खड़े नित शंभु भवानी

फिर क्यों ना राज करें जग में

जब,

जाकी है राधिका सी महारानी

राधा राधा राधा राधा,राधा राधा

राधा राधा...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।