॥ पावन पाठ ॥
हाय ! चले गए महाराज
हाय ! चले गए महाराज,
मुख मोड़ गए, हमें छोड़ गए,
कर गए हम सब को अनाथ।
कोई गुनाह तो हमारा भी होगा।
खुदा हम से खफा जो होगा।
हम हुए गमज़दा, सतगुरु हो गए जुदा,
रुठ गई हम से है कायनात
हाय ! चले गए महाराज
हाय ! चले गए महाराज,
मुख मोड़ गए, हमें छोड़ गए,
कर गए हम सब को अनाथ।
कोई गुनाह तो हमारा भी होगा।
खुदा हम से खफा जो होगा।
हम हुए गमज़दा, सतगुरु हो गए जुदा,
रुठ गई हम से है कायनात