मेरे घर आज पधारो गजानन, मंगल दीप जलेंगे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर आज पधारो गजानन,

मंगल दीप जलेंगे।

ढोल नगाड़े गूंज उठेंगे,

गणपति बप्पा आएंगे॥

गणपति बप्पा मोरया,

मंगल मूर्ति मोरया।

विघ्न हरन सुखकर दाता,

सबके प्यारे मोरया॥

सजे हुए हैं फूलों के द्वारे,

गूंज रहे जयकारे।

मोदक का भोग लगाएँ सब,

भर दो खुशियों के भंडारे॥

मेरे घर आज पधारो गजानन,

मंगल दीप जलेंगे।

ढोल नगाड़े गूंज उठेंगे,

गणपति बप्पा आएंगे॥

रिद्धि-सिद्धि संग लेकर आना,

हर मन की आस जगाना।

जिसने सच्चे मन से पुकारा,

उसका भाग्य चमकाना॥

जय गणेश जय गणेश,

गूंजे हर घर-आंगन।

तेरे नाम से रोशन होगा,

भारत का हर जन-जन॥

गणपति बप्पा मोरया,

मंगल मूर्ति मोरया।

मेरे घर आज पधारो गजानन,

सदा हमारे मोरया॥

ललित गेरा (SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।