श्याम नाम की ओढ़ चुनरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम नाम की ओढ़ चुनरिया

श्याम, नाम की, ओढ़ चुनरिया... ॥

जित चाहे, इत उत डोल,

प्रेम से, राधे राधे बोल ॥

ये चुनरी प्रहलाद ने ओढ़ी ।

तब ही प्रभु ने शक्ति छोड़ी ॥

खम्भा फाड़े, हिरण्याक्ष मारे,

अपनी, बिठाकर गोद,

प्रेम से, राधे राधे बोल ॥

श्याम, नाम की, ओढ़ चुनरिया...

ये चुनरी, मीरा ने ओढ़ी ।

प्रेम, दीवानी, हुई निगोड़ी ॥

विष का प्याला, मीरा पी गई,

राणा ने, दिया है घोल,

प्रेम से, राधे राधे बोल ॥

श्याम, नाम की, ओढ़ चुनरिया...

ये चुनरी, दोपदी ने ओढ़ी ।

चीर, बढ़ाए, कसर न छोड़ी ॥

मनमोहन श्री, श्याम सुँदर की,

लीला, बड़ी अनमोल,

प्रेम से, राधे राधे बोल ॥

श्याम, नाम की, ओढ़ चुनरिया...

ये चुनरी, नरसी ने ओढ़ी ।

भात, भराया, कसर न छोड़ी ॥

सेठ, बने जब, साँवरिया तब,

दिए, खज़ाने खोल,

प्रेम से, राधे राधे बोल ॥

श्याम, नाम की, ओढ़ चुनरिया...

जय माता दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।