बरसानें बस जाऊंगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-मैं ससुराल नहीं जाऊंगी

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का आया

कहीं और नहीं जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया...

पहले संन्देशै में भाव बनाया,भाव नें

मुझको दिवाना बनाया

भाव से प्रेम मैं पाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

कहीं और नहीं जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया...

दुसरे संदेशै में नाम जपाया,नाम नें

मुझको भक्त बनाया

भक्तों के संग मैं जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

कहीं और नहीं जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया...

तीसरे संदेशैं में बृज़ में बुलाया,बृज़

बुलाके मुझे धाम बसाया

धसका पागल बन जाऊंगी,संदेशा

राधे का आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया

कहीं और नहीं जाऊंगी,संदेशा राधे

का आया

बरसानें बस जाऊंगी,संदेशा राधे का

आया...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।