श्याम मेरी लाज आपके हाथ

सांवरमल जी पारीक कोलकाता
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दोहा :

लाज दास की हाथ है, तेरे श्याम सरकार।

दीन बन्धु तारण तरण, दीनों के अधार ॥

तर्ज : फकीरी अलबेला रो खेल

श्याम मेरी लाज आपके हाथ,

दया करो प्रभु अपने दास पे, पूर्ण करो मम काज ॥टेर ॥

दीनदयाल विड़द संभारी, करूणा कर कहलाते- २

आप कृपा के सागर होके, क्यूं इतनी देर लगाते-२

करो कृतार्थ दया के सागर, दीनों के सरताज ॥श्याम ॥

तेरे भरोसे हे नटनागर, जीवन ये चलता है-२

घर परिवार दया तेरी से, बेसक प्रभु पलता है-२

सुबह शाम तेरे कीर्तन की, गूंजे मधुर आवाज ॥श्याम ॥

नाम आपका कभी ना भूलूं बस इतना वर दे दो- २

आप कभी ना भूलें हमको, इतना ही बस कहदो- २

दरश आपका मिलता रहे तो, बाजे अनहद साज ॥श्याम ॥

वरद हस्थ रखना मन मोहन, जैसे सदा रहा है-२

प्रेम भाव सबके हिरदय में, सदा बहे जो बहा है-२

सांवर दास सदा से तेरा, तूंहीं है इसका नाज॥श्याम ॥

लेखक -सांवरमल जी पारीक कोलकाता

सिंगर - नवरत्न पारीक 9887140192 ,9511528481

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।