मां सांवरे नूं किस तरह पाईदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

????श्री हरिदास????

तरज़-मन चल वृन्दावन चलिये

मनां सांवरे नूं,किस तरह पाईदा

पहले अपणां,आप गवाईदा

मनां सांवरे नूं किस तरह पाईदा...

1.फूल कहंन्दा मैंनूं,माली ने तोड़ेया

सुई धागे विच,पाके पिरोलैया

मैं फिर भी मुहों,नईयों बोलैया

हार बणके ते,श्याम आगे जाईदा

मैंनूं सांवरे ने,गल विच पालैया

मनां सांवरे नूं,किस तरह पाईदा

पहले अपणां,आप गवाईदा

मनां सांवरे नूं किस तरह पाईदा...

2.दूध कहंन्दा मैंनूं,गोआला ने डोलैया

विच चाटी दे,पाके बिरोलैया

मैं फिर वी मुहों,नईयों बोलैया

मक्खण बणके श्याम,अगे जाईदा

मैंनूं सांवरे ने,प्यार नाल ख़ालैया

मनां सांवरे नूं,किस तरह पाईदा

पहले अपणां,आप गवाईदा

मनां सांवरे नूं किस तरह पाईदा...

3.बांस कहंन्दा मैंनूं,जंगला विच कुटैया

छेद करके ते,खाली कर सुटैया

मैं फिर वी मुहों,नईयों बोलैया

बंसी बणके श्याम,अगे जाईदा

मैंनूं सांवरे ने,प्यार नाल वजा लैया

मनां सांवरे नूं,किस तरह पाईदा

पहले अपणां,आप गवाईदा

मनां सांवरे नूं किस तरह पाईदा...

मेरे बांकें बिहारी मोपे कृपा करो,

मेरे रमणं बिहारी मोपे कृपा करो

मेरे कुंज बिहारी मोपे कृपा करो

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।