मां मैं तैनू घरे वुलांवां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मां मैं तेनु घरे बुलावां

माँ मैं तेरा कीर्तन करवामां

चांदी दी चौकी ते आसन बिछावां -2

आसंन ते माँ मैं तेनु विठावां

मां मैं तेन्नु करें बुलावा...

गुत्थ गुत्थ कलियाँ मैं हार बनावां -2

हार बना के मां तेनु पहनावां

मां मैं तैनु घरे बुलावा...

गोटेयां वाली, किनारीयां वाली-2

चुन्नी चढ़ावां मैं सितारियां वाली

मां मैं तेनू घरे बुलामा...

पान सुपारी ध्वज नारियल-2

माँ मैं तेनू पहली भेंट चढ़ावां

मां में तेनू घरे बुलावां...

हलवा बनावां पूरी बनावां-2

मां मैं तेनु भोग लगावां

माह में तेनू घरे बुलावा...

इंदु दी इच्छा मां भेंट बनावां -2

भगतां दे नाल मां मिल के गावां

मां मैं तेनू घरे बुलावां

मां में तेरा कीर्तन करांवां

लेखिका :- इंदु सामाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।