राम जी के मंदिर में हनुमान नाचे रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम जी के मंदिर में हनुमान नाचे रे

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, जयकारे लागे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

हनुमत, को देखने, ब्रह्मा जी आए ।

ब्रह्मा जी, आए संग, विष्णु को लाए ॥

ब्रह्मा और, विष्णु के संग, लक्ष्मी नाचे रे ।

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे...

हनुमत, को देखने, भोले जी आए ।

भोले जी, आए संग, गणपत को लाए ॥

भोले और, गणपत के संग, गौरां नाचे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे...

हनुमत, को देखने, रामा जी आए ।

रामा जी, आए संग, लक्ष्मण को लाए ॥

रामा और, लक्ष्मण के संग, सीता नाचे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे...

हनुमत, को देखने, कान्हा जी आए ।

कान्हा जी, आए संग, दाऊ को लाए ॥

कान्हा और, दाऊ के संग, राधा नाचे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे...

हनुमत, को देखने, संत ऋषि आए ।

संत ऋषि, आए संग, मुनियो को लाए ॥

कीर्तन में, भक्त सारे, मिलकर नाचे रे,

मीठी, मीठी तालियां, भक्तों की बाजे रे ॥

राम, जी के मंदिर में, हनुमान नाचे रे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।