जय भोले भंडारी त्रिपुरारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय भोले भंडारी त्रिपुरारी

जय भोले, भंडारी, त्रिपुरारी,

तूने बिगड़ी, बना दी, हमारी...

ओ बम बम, बम बम ॥

ओ भोले के, माथे पे, चंदा चमकता ॥

ओ चंदा, चमकता, ओ चंदा चमकता

ओ चंदा की, चमक उजियारी,

तूने बिगड़ी, बना दी हमारी...

ओ बम बम, बम बम ॥

जय भोले, भंडारी, त्रिपुरारी...

ओ भोले की, जटा में, गंगा है बरसती ॥

ओ गंगा, है बरसती भोले, गंगा है बरसती ॥

ओ गंगा की, लहर है न्यारी...

ओ भोले के, गले में, मुंडों की माला ॥

ओ मुंडों, की माला भोले, मुंडों की माला ॥

ओ नागों की, महिमा है न्यारी...

ओ भोले के, हाथों में, डमरू है साजे ॥

ओ डमरू, है साजे भोले, डमरू है साजे ॥

ओ डमरू की, डम डम, न्यारी...

ओ भोले के, संग में, गौरां मईया ॥

ओ गौरां, मईया भोले, गौरां मईया ॥

देखो, नंदी की, करती सवारी...

ओ भोले ने, भक्तों की, बिगड़ी बनाई ॥

ओ बिगड़ी, बनाई भोले, बिगड़ी बनाई ॥

ओ तूने, लाज़, बचाई हमारी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।