आयो भूतों को राजा, नंदी पे चढ़ के, नंदी पे चढ़ के, यूँ तो बैल चढ़ के

पारंपरिक
हनुमान जी भजन शिव भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – आयो सांवरियो सरकार

आयो भूतों को राजा, नंदी पे चढ़ के,

नंदी पे चढ़ के, यूँ तो बैल चढ़ के।

खुली हैं जटाएँ, जटाओं में गंगा,

पहने रुद्राक्ष, भाल सजा चंदा।

गले में नाग फुफकारें डर के,

आयो भूतों को राजा, नंदी पे चढ़ के।

आगे-आगे भैरव बाबा, साथ हनुमाना,

बीच में है भोले मेरे भंगीया पिलाना

डमरू की डम-डम सुन-सुन के,

आयो भूतों को राजा, नंदी पे चढ़ के।

राम भी हैं आए, मेरे श्याम भी हैं आए,

सभी देवी-देव भोले को रिझाए।

लक्की भगत के तू भंडार भर दे,

आयो भूतों को राजा, नंदी पे चढ़ के।

Lyrics – Lucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।