मेरी भी अरज सुनो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तुम खाटू में रहते हो रहते हो,

सब के संकट हरते हो, सबके दुखड़े मिटाते हो,

मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो ॥

दुनिया ने ठुकराया है बस तुमने अपनाया है,

दिल को इतना चैन मिला जो तेरे दर पर आया है,

भगतों की धड़कन में बसते हो बसते हो,

मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो

बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

अहलावती के लाला हो पांडव कुल उजियारा हो,

तीन बाण के धारी हो नीले असवारी हो,

हारे को जीताते हो सबके दुखड़े मिटाते हो,

मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो

बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

हारे के सहारे हो बाबा श्याम हमारे हो,

सबकी बिगड़ी बनाते हो रोतो को हंसाते हो,

सबके दुखड़े मिटा करके अपने गले लगाते हो,

मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो

बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

सिंगर-अनीता सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।