कैसे भूलू रे भूलू रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर ख़ुशी है ये मिली तुमसे,

ज़िन्दगी ये है मिली तुमसे,

कैसे भूलू रे भूलू रे तुझे रे ओ संवारे,

अब कही भी गम कोई ना रहा,

मिल गया है दिल ने जो भी कहा,

कैसे भूलू रे भूलू रे तुझे रे ऊ संवारे,

गम की आंधी में मैं बड़ा तरसा,

प्यार की बुँदे तू बनके मुझपे है बरसा,

कैसे भूलू रे भूलू रे तुझे रे ऊ संवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।