एक तू ही तो है हारे का सहारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

जो भी हाल तुझे दिल का सुनाए...

जो भी हाल तुझे दिल का सुनाए तू बिगड़ी देता उसकी बना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

झूठे रिश्तों को अपना माना

झूठ सफेद था ना पहचाना

जिसको जरूरत जितनी आई

उसने उतनी प्रीत निभाई

टूटा हर एक सपना बेचारा

था दिल से मैने जो भी बुना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

हँसता जमाना दर्द पे मेरे

पूछे मुझे कहां श्याम है तेरे

ज़ख्म ये सारे हंस के सहूंगा

पर संसार से कुछ ना कहूंगा

कहना तुझसे ही दुख है हमारा

तू कर दे चाहे उसे अनसुना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

प्रेमी की आँख में आंसू जो आए

रुकता ना तू लीले चढ़ आए

बेटों की विपदा टालता जाए

बाप है बाप का फ़र्ज़ निभाये

तेरा लाडला हारा जहां से

शरण को तेरी अब है चुना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

जो भी हाल तुझे दिल का सुनाए ...

जो भी हाल तुझे दिल का सुनाए तू बिगड़ी देता उसकी बना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

एक तू ही तो है हारे का सहारा ये मैने सारे जग से सुना

ये मैने सारे जग से सुना

ये मैने सारे जग से सुना जो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।