हर महीने बनभौरी में तू क्या करने जाता

- प्रिंस शुभम नरेला
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज़ - मैं बाबा ले आया)

हर महीने बनभौरी में तू क्या करने जाता

मैं माँ से मिल आता - मैं झोलिया भर लाता

जब याद सातए मैया की - फिर कुछ भी ना भाता

मैं माँ से मिल आता - मैं झोलिया भर लाता...

​माँ है ममता का सागर - हर बिगड़ी बात बनाती

भले मैं भूल जाऊँ - बच्चों को माँ ना भुलाती

इस जीवन की पतवार को - मैं चरणों में सौंप आता...

सदियों से नाता अपना - वो है कुलदेवी हमारी

जिसने है वंश बढ़ाया - वो मैया शेर सवारी

संकट आने से पहले माँ का पहरा हो जाता...

दुनिया ने कसर ना छोड़ी - भरोसा हर पल तोड़ा

मेरी बनभौरी माँ ने - कभी मेरा हाथ ना छोड़ा

प्रिंस शुभम को मैया बस - तेरा ही दर भाता...

गायक :- प्रिंस शुभम नरेला

संपर्क : 7840820050 , 8750104889

लिरिक्स : प्रिंस जैन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।