पलभर के लिए कोई राधा नाम रटले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-पल भरके लिए कोई हमें प्यार

करले

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

श्री राधा राधा रटूं,छांड़ जगत की

आस

बृज़ विच विचरत रहुं,कर वृंदावन

वास

क्षण भर के लिए कोई,राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए, कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

2.एक बार राधा कहे,प्राणी पवन होत

हरी बिराजे पास हरदे,जगे प्रेम की

ज्योत

जागे प्रेम की जोत,सांवरों हिए

विराजे

मौर मुकुट पीतबर,और बाँसुरी

साजे

क्षण भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

मिले वृंदावन वास,होत है प्रेम

अगाढ़ा

ये जीवन का हो कल्याण,कहे एक

बार जो राधा

एक बार जो राधा,एक बार जो राधा

क्षण भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

बृज़ धुरी ही प्राणों से प्यारी लगे,

बृज़ मंडल माही बसाए रहो

रसिको के सुसंग में मस्त रहो,

छविं छाप को नाथ छकाए रहो

नित बांकें की झांकी निहारा करूं,

जगजाल से नाथ बचाए रहो

कहुं बांकें बिहारी यही विनती,

मेरे नैंनों से नैंन मिलाए रहो

क्षण भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए, कोई राधा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

पल भर के लिए, कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

लखते लखते बृज़ मंडल को,रटते

रटते भई बरस अठारह

पर हाए अभी तक पूर्णं दया,

नही दिख पड़ा मनमोहन प्यारा

अनुराग की अगनीं समाप्त करूं,

इस देह की अंतिम आहुति द्वारा

एक तेरे ही प्यार का पागल हूं,

नही और कोई विपदा का मारा

क्षण भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

जपले झूठा ही सही

क्षण भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई राधा नाम

रटले झूठा ही सही

पल भर के लिए,कोई कृष्णा नाम

रटले झूठा ही सही...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।