रहते हो किस गली में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-मुरली बजाके मोहना,क्यों

कर लिया किनारा

रहते हो किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा

बन्सीं बजानें वाले,कहां है तेरा

ठिकाना

रहते हों किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा...

गोकुल में तुझको ढूंढा,मथुरा में

तुझको ढूंढा

गईयाँ चरानें वाले,दिल है तेरा

दीवाना

रहते हो किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा

बन्सीं बजानें वाले,कहां है तेरा

ठिकाना

रहते हों किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा...

सुनतें हैं नाम तेरा,बचपन का है

कान्हा

आवाज मेरी सुनके,तुझको

पड़ेगा आना

रहते हो किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा

बन्सीं बजानें वाले,कहां है तेरा

ठिकाना

रहते हों किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा...

मिश्री मिला के कान्हां,माखन तुझे

खिलाऊं

दासी ये कह रही है,दर्शंन मुझे

दिखाना

रहते हो किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा

बन्सीं बजानें वाले,कहां है तेरा

ठिकाना

रहते हों किस गली में,क्या नाम है

तुम्हारा...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।