वृंदावन में आऊँ मोहन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वृंदावन में आऊं मोहन, ये अरदास हमारी

मेरे बांके बिहारी सुन लो अर्ज हमारी

तेरे नाम की महिमा गाऊं तेरी ज्योत जलाऊं

साँझ सवेरे राधे कृष्णा घटना मैं तो लगाऊं

शरण तुम्हारी पड़ा हूं मोहन राखो लाज हमारी

मेरे बांके बिहारी...

तेरी कृपा से गिरधर मेरी नैया चलती जाए

चाहे जैसी आए मुसीबत पल में हल हो जाए

कृष्ण नाम में गाऊं मोहन भर दो झोली खाली

मेरे बांके बिहारी...

सांवली सूरत छवि तुम्हारी मेरे मन को भाये

बांके बिहारी देख के तुमको मेरा मन हरसाए

दर्शन दे दो मुरली बजईया जाऊं मैं बलिहारी

मेरे बांके बिहारी...

Writer - Brajbihari Sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।