गुरू जी दी मेहर होई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

बधाई देवे हर कोई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ...

खुशियाँ दे फूल आज खिड़े ने

सारे,

कट गए दुखड़े ने,मिट गए

अँधियारें

किरपा दे रंग विच रंगियाँ,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

बधाई देवे हर कोई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ...

भटकाँ दे विचों मेरी,नईया सी

छूटी

दुनिया दे नाल मेरी,डोर सी टूटी

गुरू जी ने बांवां फड़ियाँ,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

बधाई देवे हर कोई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ...

मंगत दी झोली विच,मोतियां दी

ख़ांन ऐ

साढ़ेयां गुरां दा दर,सब तों महान

है

गगन विच गूँजन बधाइयाँ,मेरे

घर रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ

बधाई देवे हर कोई,मेरे घर

‌रौणक़ाँ लगियाँ

गुरू जी दी मेहर होई,मेरे घर

रौणक़ाँ लगियाँ...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।