खाटूवाला लीले चढ़कर आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाला लीले चढ़ कर आ गया

श्याम सलोना मेरे मन को भा गया

वो आ गया, वो आ गया, वो आ गया मेरा श्याम

खाटूवाला लीले चढ़कर आ गया

श्याम सलोना मेरे मन को भा गया

हर ग्यारस पर श्याम धनी, आए खाटू धाम में

पलकों पे तुझको बिठाए, नैनो से तुझे लाड़ लड़ाए

हर ग्यारस पर श्याम धनी, आए खाटू धाम में

पलकों पे तुझको बिठाए, नैनो से तुझे लाड़ लड़ाए

मेरे घर का तू ही पालनहार है

मेरे घर का तू ही पालनहार है

तेरे जैसी दूजी ना सरकार है

खाटूवाला लीले चढ़ कर आ गया

श्याम सलोना मेरे मन को भा गया

मोर छड़ी लहरा दे बाबा, कर दे बस इतना उपकार,

खाली ना लौटा है कोई, ऐसा है तेरा दरबार।

मोर छड़ी लहरा दे बाबा, कर दे तू बेड़ा पार,

खाली ना लौटेगा कोई, ऐसा है तेरा दरबार।

शीश के दानी की होती जयकार है,

खाटू नगरी में तेरा दरबार है

खाटूवाला लीले चढ़ कर आ गया

श्याम सलोना मेरे मन को भा गया

तेरी रहमत देख कर, झुक गया मेरा शीश है,

मिल गया बाबा आज मुझे, ये तेरा आशीष है,

तेरी रहमत देख कर, झुक गया मेरा शीश है,

मिल गया बाबा आज मुझे, ये तेरा आशीष है,

अपना बनाकर तूने किया कमाल है

अपना बनाकर तूने किया कमाल है

चाहूं सारे जन्मों में तेरा प्यार ये

खाटूवाला लीले चढ़ कर आ गया

श्याम सलोना मेरे मन को भा गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।