बारस की ज्योत जगाओ जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक छोटो सो नियम बनाओ जी,

नित बारस नै श्याम की घर में ज्योत जगाओ जी।

सुबह-सुबह थे नुहाय धोय कै सांवरियै नै ध्याओ,

देशी गाय को घी घाल कै, श्याम की ज्योत जगाओ,

थारै टाबर नै भी सिखाओ जी॥

खीर-चूरमो निज हाथां सै श्याम नै भोग लगाओ,

जिम-जूठ ले जद सांवरियो मीठा भजन सुनाओ,

ऐं की जय -जयकार लगाओ जी॥

नित नियम सै जो भी घर मै श्याम की ज्योत जगावै,

सिरदारा, वी घर मै फिर बाबै को वास हो जावे,

मन मै सांचो भाव जगाओ जी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।