आयी काली मायी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आयी काली मायी आयी काली मायी,

दुष्टों को यम लोक पौह्चाने अपने भक्तो के कस्ट मिटने,

तीन लोक में बनके परलय देख वो शक्ति छाई,

आयी काली मायी........

चनढ मुंद को मार गिराया,

रकत बीज का रकत बहाया,

देवो पर जब संकट आया माँ ने लाज बचाई,

आयी काली मायी.....

देख मैया को दानव भागे,

कितनो ने तो प्राण त्यागे,

रन में मैया हर पापी पर बिजली बन लहराई,

आयी काली मायी......

भोले नाथ पर पैर जो आया,

मैया ने फिर क्रोथ भुलाया,

तीन लोक में सुख की बारिश मैया ने बरसाई,

आयी काली मायी....

माँ प्रकाश है बालक तेरा,

मेरे घर भी ढालो डेरा,

सबपे किरपा करती मेरी वारी देर लगाई,

आयी काली मायी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।