एक बार निहार लो राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-अख़ियों को रहें दे

एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम

कब से तिहारे

एक बार...

अब तो कृपा कर दिजो लाडली,मोहे

अपनों कर लिजे लाडली

एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम

कब से तिहारे

एक बार...

तुम्हरी कृपा बिन जीवन माहीं,छाया

अधंकार है मेरी श्री राधे

एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम

कब से तिहारे

एक बार...

जो तुम ना सुनोंगी तो कौंन सुनेगो,मेरी

ही यह आस श्री यानेह

एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम

कब से तिहारे

एक बार...

अपनें चरणन की धुली दिजै,चरणन

माहीं मोहे रख़ लिजै

एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम

कब से तिहारे

एक बार...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।