अमीरों की ना फकीरों की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं लाडला खाटू वाले का

अमीरों की ना फकीरों की,मेरी माता अपने लालों की

मैं लाडली मेरी मैया की-२

भारत में हरियाणा स, हरियाणा मं एक झज्झर स

झज्जर के पास ही बेरी स,बेरी मं बैठी मैया स

भक्तों की रक्षा वाली की, जगदम्बा शेरावाली की

मं लाडली मेरी मैया की-२--------

बेरी मं तेरा दरबार स,तेरा भरा पुरा भण्डार स

दो भवनों मं साज मैया, तेरी घणी निराली शान स

रोज डोली उठने वाली की,दो दो मन्दर वाली की

मं लाडली मेरी मैया की-२---------

ना मन कदै भी मांग्या था, माता न सारा बेरा था

के देणा मेरा बालक ने ,झोली मेरी भर डाल्या था

झोली भरण वाली की,मेरी माता बेरी वाली की

उषा लाडली मेरी मैया की-२---------

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।