मेरे गुरु देव वृदावन वसा लोगे

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गुरु देव वृदावन वसा लोगे तो क्या होगा,

मुझे बांके बिहारी से मिला दो गे तो क्या होगा,

तडप ती हु मैं आहे भर सहारा कोई ना दीखता है,

भरोसा श्याम चरणों में लगा दोगे तो क्या होगा,

मेरे गुरु देव वृदावन वसा लोगे......

श्री यमुना किनारे पर बनी संतो की कुटिया में,

श्री यमुना किनारे पर बनी रसिको की कुटिया में,

मेरी भी छोटी कुटिया बना दो गे तो क्या होगा,

मुझे बांके बिहारी से मिला दोगे तो क्या होगा,

याहा सब मुझसे कहते हा तू मेरा है तू मेरा है,

मैं किस का हु ये झड्डा तुम मिटा दो गये तो क्या होगा,

मुझे बांके बिहारी से मिला दोगे तो क्या होगा,

कभी वो सामने आये कभी वो हो गये ओजल,

हरी ये भीच का परदा हटा दो गये तो क्या होगा,

मुझे बांके बिहारी से मिला दोगे तो क्या होगा,

श्री राधे जान कर दासी लगा लो अपनी सेवा में,

रखीली दास को अपना बना लो गे तो क्या होगा,

मुझे बांके बिहारी से मिला दोगे तो क्या होगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।