दीवानों की महफिल है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिवानों की महफिल है...दिवानें ही आते है...

खाटु में ग्यारस की...हाजरी लगाते है...

घर से निकलते है... सांवरे से मिलने को...

खाटु पहूँचते ही...सिधे दर्शन को जाते है...

भुख इन्हे भजनों की...प्यास दर्शन की रहे...

श्याम के झलक पाकर...भुख प्यास मिट जाते है...

श्रिंगार प्यारा है...मन को लुभाता है...

बांकी अदाओं पे...दिल हार जाते है...

बाबा से कहेंगे दिल की...आते है यही सोचकर...

पग चौखट पे रखते ही...सब कुछ भुल जाते है...

श्याम के दिवानों का...कही और ना ठिकाना है...

पुछो ज़रा इनसे...सभी खाटु बताते है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।