तेनु चांदी दियां झांझरा पवावां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेनु चांदी दिया झांझरा पवावां, घर मेरे आजा दातिए

आजा दातिए फेरा पा जा दातिए - 2

तैनू चादी दिया झाझरा पवावां

घर मेरे ...

घर मेरेआजा तेरीज्योत जगावंगी

चंदन दी चौंकी उत्ते आसन लगांवांगी

तैनू सोहनी - सोहनी भेंट सुनावां, घर मेरे आजा दातिए, तैनू चांदी दियां झांझरा पवावां

घर मेरे आजा तैनू चौला में पवांगी लाल-लाल चुड़ा तेरी बाहां बिच पावांगी (2)

तेरी चुनरी नु लावां में किनारी, घर मेरे आजा दातिए

आजा दातिर...

तेनु चांदी...

कंजका दा रूप बन घर मेरे आजा मां, संगतां दा हर इक दुखड़ा मिटा जा मां,

तेरा रज-रज शुक्र मनावां

घर मेरे मेरे आजा दातिए

तेनु चांदी...

हलवा ते पूरी दा पोंग लगावा मां

कंजका बुला के तेरे चरण तोआवां मैं

मुंहो मंगिया मुरादा पावा घर मेरे आजा दातिए ,आजा दातिए फेरा पाजा दातिए

तेनू चांदी ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।