दानी एक बैठा है खाटू के दरबार में,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज – काम कोई भी कर नहीं पाया)

छप गया, छप गया, छप गया अखबार में,

दानी एक बैठा है खाटू के दरबार में,

सेठ सांवरे की माया है पूरे संसार में,

दानी एक बैठा है खाटू के दरबार में॥

दीन-दुखी के आँसू पोछे, सुना है मैंने सबसे ये,

मेरी ओर भी नजर घुमा लो, दास खड़ा है कब से ये,

जिस-जिस की तू अर्जी सुनता, बैठा वो परिवार में,

हार के मैं भी आया बाबा, तेरे इस दरबार में॥

कोई दुखड़े सुनता तुमको, कोई हाल बताता है,

झाड़ा जब लगवाए बाबा, नाच-नाच मुस्काता है,

जिस पे होती कृपा तुम्हारी, खुशियाँ उसके द्वार में,

हार के मैं भी आया बाबा, तेरे इस दरबार में॥

खाटू आकर मैंने बाबा, कितना सुकून ये पाया है,

लोग न समझे अब तक ये, सांवरिया की माया है,

लक्की तुम भी बहते रहना, श्याम नाम की धार में,

हार के मैं भी आया बाबा, तेरे इस दरबार में॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।