तेरी कृपा में कमी नहीं है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी कृपा में कमी नहीं है

धुन- जिहाल-ऐ-मस्कीं

( सब से बड़ा है लख्ख दातार,

सुनता सभी की करुण पुकार ॥)

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है,

मेरा, भरोसा, ही डगमगाए ॥

तूँ साथी बनकर, है चलने वाला,

मुझे ही छाया, नज़र ना आए ॥

दयालु तूँ है, तेरी दया का ॥

बखान, करना, बहुत कठिन है ॥

है लाखों किस्से, तेरे करम के,

ये छोटी वाणी, ना बोल पाएं ॥

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

है कैसा मेरा, नमन ये बाबा ॥

मैं क्या बताऊँ, तुम्हें पता है ॥

है मेरा मतलब, जो सर झुका है,

तूँ देखकर के, भी भूल जाए ॥

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

मैं भूल जाऊँ, तूँ याद रखता ॥

मैं गिर भी जाऊँ, तो थाम ले तूँ ॥

दिया है तूने, जो प्रेम इतना,

शर्म से आँखे, ये उठ ना पाए ॥

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

तेरी नज़र में, रहे ये ‘पंकज’ ॥

मैं जब चलूँ वो, तेरे कदम हो ॥

भली हो चाहे, बुरी हो राहें,

है तेरी मर्जी, जिधर चलाए ॥

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।