इतनी किरपा करो सांवरे जितनी मीरा पे तुमने करी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन की तर्ज - जिंदगी प्यार का गीत हैं

इतनी किरपा करो सांवरे ,

जितनी मीरा पे तुमने करी ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

मैं नहीं जानती हूँ भजन ,

मेने तुमसे लगाया हैं मन ,

मेरे मन में बसों सांवरे ,

जैसे मीरा के मन में बसे ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

इतनी किरपा करो सांवरे ,

जितनी मीरा पे तुमने करी ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

मेरी तुमसे लगी हैं लगन ,

तुमको पाने का करती जतन,

एक बार मिलो सांवरे ,

जैसे मीरा को तुम मिल गए ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

इतनी किरपा करो सांवरे ,

जितनी मीरा पे तुमने करी ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

वो राह बता दो मुझे ,

जिस राह पे मीरा चली ,

मैं भी आऊं वहाँ सांवरे,

जहा मिलती हैं भक्ति तेरी ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

इतनी किरपा करो सांवरे ,

जितनी मीरा पे तुमने करी ,

मेरे दुःख भी हरो सांवरे ,

जैसे मीरा के तुमने हरे ,

Bhajan Lyrics & Voice - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।