हम तेरे ही बालक हैं, तू डाँट ये मुझे लगाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज – देना हो तो दीजिए जनम-जनम का साथ)

कान पकड़कर मेरा मैया, सही रस्ते पे लाना।

हम तेरे ही बालक हैं, तू डाँट ये मुझे लगाना॥

भटकूँ जब भी इधर-उधर, मैं तू ही ध्यान ये रखना माँ।

थाम के तेरी उँगली को, मैं गोदी में सर रख लूँ माँ।

एक तेरा भरोसा मुझको, तू छोड़ कभी ना जाना॥

कान पकड़कर मेरा मैया, सही रस्ते पे लाना।

हम तेरे ही बालक हैं, तू डाँट ये मुझे लगाना॥

माँ का आँचल मिला है मुझको, पिता के जैसे साथ दिया।

जब-जब आफत आई है, माँ ने उसको थाम लिया।

एक आँसू के बदले में, तू सागर ये बन जाना॥

कान पकड़कर मेरा मैया, सही रस्ते पे लाना।

हम तेरे ही बालक हैं, तू डाँट ये मुझे लगाना॥

साथी बनकर साथ दिया है, हरदम साथ ये चलती है।

बिन कुछ कहे ये मैया मेरी, इतनी कृपा ये करती है।

लकी पे दया तुम्हारी, तुम उसको गले लगाना॥

कान पकड़कर मेरा मैया, सही रस्ते पे लाना।

हम तेरे ही बालक हैं, तू डाँट ये मुझे लगाना॥

Lyrics – Lucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।