पुरी में जाने का ये मौका अब आया है जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विष्णु भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( तर्ज – श्याम तेरे भक्तों को )

पुरी में जाने का ये मौका अब आया है

जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥

अरे पुरी की गलियों में हम घूमेंगे नाचेंगे,

वहाँ के लोगों से थोड़ा प्रसाद माँगेंगे।

दया ये उनकी है, ये ख्याल मुझे आया है॥

पुरी में जाने का ये मौका अब आया है

जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥

हवा में घुली हुई वो खुशबू निराली है,

फूलों की देखो ज़रा खिली ये डाली है।

माता-पिता का प्यार मैं प्रभु से पाया है॥

पुरी में जाने का ये मौका अब आया है

जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥

गज़ब हैं वो यादें और गज़ब हैं ये बातें,

दिन भी बीत गए और बीत गई रातें।

लकी दीवाने का अब मन भर आया है॥

पुरी में जाने का ये मौका अब आया है

जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥

Lyrics – Lucky Shukla

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।